Wednesday, September 24, 2008

करुना

जो अक्सर कम ही होता है वह हुआ /बडे साहब का निरीक्षण हुआ
टेबल कुर्सी अलमारी फर्श , चकाचक देखी सफाई
खुशी से गदगद ,कौन करता है ऐसी सफाई
कर दिया उस युवक को आगे छोटे साहब ने
सर,लगनशील है ,वफादार है /एम् -ऐ-पास होकर भी ईमानदार है
बड़े साहब का दिल करुना से भर आया
शिक्षा के अवमूल्यन पर बहुत क्रोध आया
आंखों में आंसू ,दिल में दुःख ,ऑफिस में मानो करुण रस उतर आया
ड्यूटी बदलने का आदेश हुआ तत्काल
अब आदेश ,ऑफिस की आर्डर बुक पर चढ़ रहा है
युवक अब ऑफिस में सफाई करने के बदले
बड़े साहब के बंगले पर
सफाई कर रहा है

3 comments:

swati said...

vyangyatmak kavita ki shaili badi pasand aayi....

sachin said...

hello dear, how r u, aap humare blogs par aaye bahut khushi hui or aapke liye ye link de raha hu taki aap hindi mein pad sake...
dhanyawad .....

http://shayrionline.blogspot.com/search/label/Hindi%20Shayri

regards
Sachin

NEETA said...

ek dam such likha hai.......yahi promotion milte hai aaj kal litrate berojgar ko...